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भारत बनाम चीन

  चीन इतना आगे कैसे निकल गया ? चीन दुनिया का कारखाना बन गया है | दुनिया के बड़े-बड़े कंपनी चीन में अपना कारखाना लगाना चाहते है कहने के लिए वो आज भारत भी आते है लेकिन चीन उनका पहला पसंद है | क्यू इतनी क्षमता बढ़ गयी 1990 में चीन की दुनिया में उत्पादन 3% था जो की 2018 आते आते बढ़ कर 25% हो गया | आज एक देश दुनिया के 200 देशो में 25% अकेला सामान भेज रहा है | आज 80% AC दुनिया के चीन बना रहा है , 70% दुनिया भर के मोबाइल चीन में ही बन रहे है, 60% जूते दुनिया के चीन बना रहा है, 74% सौर बैटरी भी चीन बना रहा है, 60% दुनिया का सीमेंट चीन बना रहा है, दुनिया का 50% कोयला का उत्पादन चीन कर रहा है, 45% पानी के जहाज चीन बना रहा है, चीन दुनिया का 50% स्टील का उत्पादन कर रहा है 1.7 अरब मीट्रिक टन, दुनिया का 50% सेब चीन से आते है और दुसरे स्थान पे जो देश है अमेरिका वो सिर्फ 6% सेब आते है पहले स्थान और दुसरे स्थान का अंतर कितना है वो आप देख सकते है | आज 30.18 खरब की आर्थवेवस्था के साथ चीन दुनिया की सबसे बड़ी आर्थवेवस्था बन चूका है | आज अमेरिका के बाद सबसे शक्तिशाली देश चीन है | 2.2 खरब का निर्यात क...

चीन इतना आमीर किसे बना?

  परिचय 1946 से  1949   में चीन की क्रांति हुई जिस के बाद 1 अक्टूबर 1949 में चीनी लोक गणराज्य (पिपल्स रिपब्लिक ऑफ़ चाइना)   जो की एक साम्यवादी सरकार थी उसकी स्थापना की जिसके प्रथम राष्ट्रपति माओ ज़ेडोंग बने | आर्थिक नीतिया 1958 तक माओ ज़ेडोंग चीन के राष्ट्रपति रहे उनके समय चीन की आर्थिक निति पूरी तरह से असफल रही | उन्होंने ग्रेट लीप फॉरवर्ड निति 1958 में लागु की जिसमें चीन की सरकार ने सारे जमीन को अपने कब्जे में ले लिया | जिसके तहत किसानो और मजदूरों से बलपूर्वक काम कराया गया | लेकिन खेती के लिए सिचाई की ख़राब वेवस्थ और तकनीक के आभाव के कारण खेती को बर्बाद कर दिया | जिसके कारण भूखमरी के कारण हजारो लोग मरे गए | ग्रेट लीप फॉरवर्ड निति के तहत बैकयार्ड फुर्नासस भी बनाये गए जिससे इस्पात के उत्पाद के लिए छोटे कारखाने भी बनाये गए जिससे इस्पात का उत्पाद बढे और वो बड़े कारखानों में तब्दील हो | लेकिन ख़राब तकनीक और जानकारी की कमी के कारण ये भी बर्बाद हो गए | चीन में बड़े इस्पात कारखाने ही अच्छे इस्पात का उत्पादन कर पा रहे थे | चीन की अर्थव्यवस्था के गिरने, भूखमरी और गरीबी के चलत...